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पढ़ें, दिखाएँ, समझाएँ

गणित के शब्द, बच्चों की भाषा में

मैं इंडी हूँ। “षट्भुज” मेरा पसंदीदा शब्द है, क्योंकि छत्ते का हर खाना षट्भुज होता है! कोई नया शब्द मिले तो उसकी तस्वीर बनाकर देखिए।

बच्चा सही गणना कर सकता है, फिर भी “अंतर बताओ” सुनकर रुक सकता है। गणित का शब्द सीखना और उसकी मदद से सोचना दो अलग अभ्यास हैं। पहले वस्तुओं, चित्र या छोटे सवाल से अर्थ दिखाएँ; फिर उसी अर्थ को शब्द से जोड़ें। यहाँ आप कक्षा 1 से 5 में काम आने वाले शब्द और कुछ आगे के अभ्यास के शब्द पाएँगे।

किसी शब्द का परिचय कब होता है, यह पाठ्यपुस्तक और बच्चे की तैयारी पर निर्भर करता है। नीचे दिए कक्षा-संकेत रास्ता सुझाते हैं, हर विद्यालय का पाठ्यक्रम तय नहीं करते। दशमलव, प्रतिशत, लाख और करोड़ NCERT की कक्षा 1–5 की किताबों में नहीं हैं; कई निजी किताबें इन्हें कक्षा 4–5 में पढ़ाती हैं।

अ · आ · इ · उ · क · ग · घ · च · ज · ड · ढ · त · द · ध · प · ब · भ · म · य · ल · व · श · स · ह

इंडी का सुझाव

“यह परिभाषा याद करो” से शुरुआत न करें। आप कहें, “इन 12 मोतियों को 3 बराबर समूहों में बाँटो। हर समूह में कितने आए?” काम के बाद बताइए कि यह भाग है। बच्चे से अपना उदाहरण बनवाना अर्थ समझने की बेहतर जाँच है।

अ

अंक (Digit)
संख्याएँ लिखने के लिए इस्तेमाल होने वाले 10 चिह्न: 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9। संख्या 47 में 2 अंक हैं। संख्या और अंक का यह फ़र्क कक्षा 1–2 से उदाहरणों में दिखाएँ।
अंतर (Difference)
घटाने का परिणाम। 15 9 = 6 में अंतर 6 है। तुलना में भी पूछें: 15 और 9 के बीच कितना अंतर है? कक्षा 1–2 में छोटी संख्याओं से शुरुआत करें।
अंश (Numerator)
भिन्न में रेखा के ऊपर की संख्या। में अंश 3 है: पूरे के 4 बराबर भागों में से 3 भाग लिए गए हैं। इसे “3 बटे 4” पढ़ें। यह शब्द कई किताबों में कक्षा 3–4 से और NCERT की गणित मेला में कक्षा 5 में आता है; पहले बराबर भाग समझाएँ। ध्यान दें: कोण के माप में भी “अंश” (डिग्री) शब्द आता है।
अनुमान (Estimate)
बिना सटीक गिनती या पूरी गणना के, उपलब्ध जानकारी से लगभग उत्तर सोचना। 47 + 38 को लगभग 50 + 40, यानी 90 मान सकते हैं। वास्तविक उत्तर 85 है। अनुमान, वास्तविक उत्तर नहीं है; कक्षा 3–5 में दोनों की तुलना कराएँ।
अभाज्य संख्या (Prime number)
1 से बड़ी ऐसी संख्या जिसके ठीक 2 गुणनखंड हों: 1 और वह संख्या स्वयं। 7 के गुणनखंड 1 और 7 हैं। 1 अभाज्य नहीं है। गुणनखंड समझने के बाद कक्षा 5 में परिचय दें।
अवरोही क्रम (Descending order)
बड़ी संख्या से छोटी संख्या की ओर क्रम। 18, 12, 9 अवरोही क्रम में हैं। कक्षा 1–2 में संख्या-कार्ड लगाकर दिखाएँ।

आ

आँकड़े (Data)
किसी सवाल का उत्तर खोजने के लिए जुटाई गई जानकारी। जैसे, एक सप्ताह में हर दिन कक्षा में उपस्थित बच्चों की संख्या। कक्षा 1–2 में वस्तुओं को छाँटने और गिनने से शुरू करें; आगे तालिकाओं और आलेखों में दिखाएँ।
आयत (Rectangle)
4 भुजाओं और 4 समकोणों वाली समतल आकृति। इसकी आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं। कॉपी के पन्ने से पहचान शुरू करें। कक्षा 1–2 में पहचान और आगे भुजाओं व कोनों का वर्णन कराएँ।
आयतन (Volume)
कोई ठोस वस्तु जितनी जगह घेरती है। घनाभ के भीतर छोटे बराबर घन लगाकर उसकी जगह का अंदाज़ा लगा सकते हैं। कक्षा 4–5 में ठोस वस्तुओं से बात करें; सूत्र याद कराना शुरुआत नहीं है।
आरोही क्रम (Ascending order)
छोटी संख्या से बड़ी संख्या की ओर क्रम। 9, 12, 18 आरोही क्रम में हैं। कक्षा 1–2 में संख्या रेखा से क्रम जाँचें।

इ

इकाई (Unit / Ones)
स्थानीय मान में एक-एक की जगह: 36 में 6 इकाइयाँ हैं। माप में इकाई का अर्थ अलग है: लंबाई की इकाई से.मी. हो सकती है। कक्षा 1–2 से दोनों अर्थ उनके संदर्भ में समझाएँ।
इबारती सवाल (Word problem)
ऐसा सवाल जिसमें गणित की बात एक छोटे विवरण में दी गई हो। “रीना के पास 8 फूल हैं। उसे 5 और मिले। अब कितने हैं?” का गणित 8 + 5 = 13 है। सभी कक्षाओं में कहानी समझना गणना से पहले आता है।

उ

उधार लेना (Borrowing)
घटाव में, जब ऊपर का अंक नीचे के अंक से छोटा हो, तो अगले स्थान से 1 लेकर उसे 10 में बदलना। 52 17 में 2 में से 7 नहीं घटता, इसलिए 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदलते हैं: 12 7 = 5 और 4 1 = 3, उत्तर 35। नई NCERT किताबें इसे पुनः समूहीकरण कहती हैं। कई किताबों में कक्षा 2–3।

क

करोड़ (Crore)
1,00,00,000, यानी 100 लाख। भारतीय संख्या-लेखन में दाएँ से पहले 3 अंक, फिर 2-2 अंक समूहित होते हैं। NCERT की कक्षा 1–5 की किताबों में लाख और करोड़ नहीं हैं; कई निजी किताबें इन्हें कक्षा 4–5 में पढ़ाती हैं।
किनारा (Edge)
किसी ठोस आकृति के 2 फलक जहाँ मिलते हैं। घन में 12 किनारे होते हैं। डिब्बे पर उँगली फेरकर दिखाएँ; कक्षा 3–5 में ठोस आकृतियों के साथ शब्द जोड़ें।
कोण (Angle)
एक ही बिंदु से निकलने वाली 2 किरणों के बीच का खुलाव। दरवाज़ा थोड़ा और खोलने पर खुलाव बढ़ता है। कक्षा 4–5 में मोड़ और खुलाव से समझाएँ; शुरुआत में डिग्री-माप की ज़रूरत नहीं।
क्षेत्रफल (Area)
समतल आकृति के भीतर ढकी हुई जगह का माप। 4 कतारों में 3-3 इकाई वर्ग हों तो कुल क्षेत्रफल 12 वर्ग इकाई है। कक्षा 4–5 में वर्ग-जाल पर गिनकर तुलना करें।

ग

गिनतारा (Abacus)
गिनती और स्थानीय मान दिखाने का मोतियों वाला साधन। दहाई और इकाई वाले गिनतारे में 24 को 2 दहाइयों और 4 इकाइयों से दिखाएँ। कक्षा 1–3 में मोती के साथ स्थान का नाम भी बोलें।
गुणज (Multiple)
किसी संख्या को पूर्ण संख्या से गुणा करने पर मिलने वाली संख्या। 4, 8, 12 और 16, संख्या 4 के गुणज हैं। कक्षा 4 से बराबर कदमों वाली गिनती और पहाड़ों से जोड़ें।
गुणनखंड (Factor)
ऐसी संख्या जिससे किसी संख्या को पूरा-पूरा भाग दिया जा सके। 12 के धनात्मक गुणनखंड 1, 2, 3, 4, 6 और 12 हैं। कक्षा 5 में 12 वस्तुओं की अलग-अलग बराबर कतारें बनवाएँ।
गुणनफल (Product)
गुणा का परिणाम। 6 4 = 24 में गुणनफल 24 है। कक्षा 2–3 से बराबर समूहों का कुल जोड़ और गुणा जोड़ें।
गुण्य (Multiplicand)
जिस संख्या को गुणा किया जा रहा है। 6 4 में 6 गुण्य है। लिखित गणना में यह नाम आए तो कक्षा 3–5 के बच्चे को पहले उसी उदाहरण पर दिखाएँ।
गुणक (Multiplier)
जिस संख्या से गुणा किया जा रहा है। 6 4 में 4 गुणक है। गुण्य और गुणक बदलने पर यहाँ गुणनफल नहीं बदलता: 4 6 भी 24 है। कक्षा 3–5 में दोनों व्यवस्थाएँ चित्र से दिखाएँ।

घ

घन (Cube)
6 बराबर वर्गाकार फलकों वाला ठोस। घन में 12 किनारे और 8 शीर्ष होते हैं। खिलौने के घन से देखें; कक्षा 3–5 में अलग-अलग दिशाओं से पहचान कराएँ।
घनाभ (Cuboid)
6 आयताकार फलकों वाला ठोस। इसके आमने-सामने के फलक बराबर होते हैं। एक आयताकार डिब्बा उदाहरण है। कक्षा 3–5 में फलक, किनारे और शीर्ष देखें।

च

चित्रालेख (Pictograph)
चित्रों या चिह्नों से आँकड़े दिखाने का तरीका। अगर हर चित्र 2 बच्चों के लिए है, तो 3 चित्र 6 बच्चों को दिखाएँगे। कक्षा 2–4 में चिह्न का अर्थ पढ़ना भी गिनती जितना ज़रूरी है।

ज

जाल (Net)
ठोस आकृति का ऐसा समतल रूप जिसे सही जगह मोड़ने पर वह ठोस बन सके। घन का जाल 6 वर्गों से बनता है; 6 वर्गों की हर व्यवस्था घन नहीं बनाती। कक्षा 4–5 में कागज़ मोड़कर जाँचें।

ड

डेढ़ (One and a half)
1 और आधा, यानी 1। “डेढ़ घंटा” 1 घंटा और 30 मिनट है। आधा समझ आने पर कक्षा 3–5 में समय और माप के संदर्भ दें।

ढ

ढाई (Two and a half)
2 और आधा, यानी 2। “ढाई बजे” 2:30 है। आधा समझ आने पर कक्षा 3–5 में रोज़मर्रा की भाषा से जोड़ें।

त

त्रिभुज (Triangle)
3 सीधी भुजाओं और 3 शीर्षों वाली बंद समतल आकृति। उसे घुमाने से उसकी भुजाओं की संख्या नहीं बदलती। कक्षा 1–2 से अलग आकार और दिशा के त्रिभुज दिखाएँ।
त्रिज्या (Radius)
वृत्त के केंद्र से उसकी सीमा तक का रेखाखंड। एक ही वृत्त की सभी त्रिज्याएँ बराबर होती हैं। कक्षा 4–5 में केंद्र और सीमा की पहचान के साथ समझाएँ।

द

दंड आलेख (Bar chart)
दंडों की ऊँचाई या लंबाई से आँकड़े दिखाने वाला आलेख। कक्षा 4–5 में नाम और पैमाना दोनों पढ़ें। पैमाने का हर कदम 2 हो तो 4 कदम ऊँचा दंड 8 दिखाता है।
दशमलव (Decimal)
दशमलव बिंदु से एक से छोटे भाग लिखने का तरीका। 2.5 को “दो दशमलव पाँच” पढ़ते हैं। पैसे में ₹25.50 का अर्थ 25 रुपये और 50 पैसे है। NCERT की कक्षा 1–5 की किताबों में दशमलव नहीं है, पर कई निजी किताबें इसे कक्षा 4–5 में पढ़ाती हैं। पैसे के परिचित संदर्भ को पूरे दशमलव-पाठ के बराबर न मानें।
दशांश (Tenth)
पूरे के 10 बराबर भागों में से 1 भाग: , जिसे “1 बटे 10” पढ़ें। आगे के भिन्न-दशमलव अभ्यास में 0.1 से इसका संबंध दिखाएँ।
दहाई (Tens)
10 इकाइयों का एक समूह। 36 में 3 दहाइयाँ और 6 इकाइयाँ हैं। कक्षा 1–2 में 10-10 तीलियों की गड्डियों से दिखाएँ।

ध

धारिता (Capacity)
किसी पात्र में कितना आ सकता है। पानी की बोतल की धारिता लीटर या मिलीलीटर में बताई जा सकती है। कक्षा 2–3 में भरने और तुलना से शुरू करें; कक्षा 4–5 में मानक माप जोड़ें।

प

परिमाप / परिमिति (Perimeter)
समतल आकृति की सीमा की कुल लंबाई। 5 से.मी. और 3 से.मी. भुजाओं वाले आयत का परिमाप 5 + 3 + 5 + 3 = 16 से.मी. है। कक्षा 4–5 में क्षेत्रफल से इसका फ़र्क दिखाएँ।
पहाड़े / गुणन सारणी (Times tables)
एक संख्या के गुणन तथ्यों का क्रम। 3 1 = 3, 3 2 = 6, 3 3 = 9 इसी सारणी के तथ्य हैं। कक्षा 2–3 से गिनती, समूह और चित्रों के साथ अभ्यास करें।
पौने (A quarter less)
किसी पूरे से एक चौथाई कम। घड़ी में “पौने चार” 3:45 है: 4 बजने में 15 मिनट। कक्षा 3–5 में घड़ी पर बचा समय दिखाएँ।
पूर्णांकन (Rounding)
संख्या को तय स्थान के निकटतम मान से बताना। निकटतम दहाई पर 47 का पूर्णांकन 50 और 43 का 40 है। कक्षा 4–5 में पहले दोनों पड़ोसी दहाइयाँ और दूरी दिखाएँ।
पुनः समूहीकरण (Regrouping)
मात्रा बदले बिना समूह बदलना। 1 दहाई को 10 इकाइयों में बदल सकते हैं, या 10 इकाइयों को 1 दहाई बना सकते हैं। नई NCERT किताबें यही शब्द इस्तेमाल करती हैं; बोलचाल में और कई किताबों में जोड़ में इसे हासिल और घटाव में उधार लेना कहते हैं। कक्षा 2–3 से तीलियों की गड्डियों और लिखित विधि को साथ जोड़ें।
प्रतिशत (Percentage)
100 में से कितने। 25% (पच्चीस प्रतिशत) का अर्थ 100 में से 25, यानी है। NCERT की कक्षा 1–5 की किताबों में प्रतिशत नहीं है; कुछ निजी किताबें इसे कक्षा 5 में शुरू करती हैं।
पैटर्न (Pattern)
ऐसी व्यवस्था जिसमें कोई नियमितता दिखे। 2, 5, 8, 11 में हर अगली संख्या 3 अधिक है। कक्षा 1–2 में रंग और आकृतियों से शुरू करें; आगे संख्या-पैटर्न का नियम बताएँ।

ब

बेलन (Cylinder)
2 बराबर गोल आधार और एक वक्र सतह वाला ठोस। गोल डिब्बा उदाहरण हो सकता है। कक्षा 3–5 में उसे लुढ़काकर और रखकर देखें।

भ

भाग (Division)
बराबर बाँटने या बराबर आकार के समूह बनाने की गणना। 12 मोती 3 बच्चों में बराबर बाँटने पर हर बच्चे को 4 मिलते हैं: 12 3 = 4। कक्षा 2 में बाँटने से और कक्षा 3 से चिह्न वाली गणना से जोड़ें।
भाजक (Divisor)
जिस संख्या से भाग दिया जाता है। 29 4 में भाजक 4 है। कक्षा 3–5 में समूह के आकार या समूहों की संख्या का अर्थ स्पष्ट करें।
भाज्य (Dividend)
जिस संख्या को भाग दिया जाता है। 29 4 में भाज्य 29 है। कक्षा 3–5 में यह बाँटी जाने वाली कुल मात्रा हो सकती है।
भागफल (Quotient)
भाग करने पर मिलने वाला उत्तर। पूर्ण संख्याओं में 29 4 का भागफल 7 और शेषफल 1 है। कक्षा 3–5 में 29 = 4 7 + 1 से जाँचें।
भार (Weight)
वस्तु कितनी भारी है, इसका माप। एक पैकेट का भार 500 ग्रा. हो सकता है। कक्षा 2–3 में भारी-हल्का और तराज़ू से शुरू करें; आगे ग्राम व किलोग्राम में मापें।
भिन्न (Fraction)
पूरे के बराबर भागों में से लिए गए भागों को बताने वाली संख्या। का अर्थ 4 बराबर भागों में से 3 भाग है। इसे “3 बटे 4” पढ़ें। कक्षा 2–3 में आधा और चौथाई देखकर शुरू करें; आगे संकेतन जोड़ें।
भुजा (Side)
बहुभुज की सीमा का सीधा हिस्सा। त्रिभुज की 3 भुजाएँ होती हैं। कक्षा 1–2 से समतल आकृति की भुजा और ठोस का किनारा अलग संदर्भों में दिखाएँ।

म

मिश्रित भिन्न (Mixed number)
पूरी संख्या और भिन्न को साथ लिखना। 2 को “दो पूर्णांक तीन बटे चार” पढ़ें; बोलचाल में इसे “पौने तीन” कहते हैं। पहले पूरे और बराबर भाग समझने दें; कक्षा 4–5 के आगे के भिन्न-अभ्यास में इसका अर्थ दिखाएँ।

य

योगफल (Sum)
जोड़ का परिणाम। 8 + 5 = 13 में योगफल 13 है। कक्षा 1–2 में दोनों समूह साथ रखकर कुल गिनें।

ल

लाख (Lakh)
1,00,000, यानी 100 हज़ार। भारतीय पद्धति में पहला अल्पविराम दाएँ से 3 अंकों के बाद और फिर हर 2 अंकों के बाद लगता है। NCERT की कक्षा 5 की किताब में पाँच अंकों की संख्याएँ हैं, लाख नहीं; लाख कई निजी किताबों में कक्षा 4–5 में आता है।
लंबा भाग (Long division)
स्थानीय मान के क्रम से भाग देने की लिखित विधि। 857 4 में 8 सैकड़ों से शुरू कर, दहाइयों और इकाइयों तक जाते हैं; उत्तर 214, शेषफल 1 है। कक्षा 4–5 में बराबर बाँटने की समझ से जोड़ें।

व

वर्ग (Square)
4 बराबर भुजाओं और 4 समकोणों वाली समतल आकृति। घुमाकर कोने पर रख देने से वह वर्ग ही रहती है। कक्षा 1–2 में पहचान और आगे गुणों की चर्चा करें।
विस्तारित रूप (Expanded form)
संख्या को उसके स्थानीय मानों के जोड़ के रूप में लिखना। 347 = 300 + 40 + 7। कक्षा 2–3 में गड्डियों, चित्रों और संख्याओं को जोड़ें।
विषम संख्या (Odd number)
पूर्ण संख्या जिसे 2 बराबर पूर्ण समूहों में बाँटने पर 1 बच जाए। 9 मोतियों की जोड़ियाँ बनाने पर 1 मोती बचता है। कक्षा 2–3 में जोड़ियों से पहचान करें।
वृत्त (Circle)
समतल आकृति जिसकी सीमा का हर बिंदु केंद्र से समान दूरी पर हो। चूड़ी से पहचान शुरू करें; कक्षा 4–5 में केंद्र, त्रिज्या और व्यास से जोड़ें।
व्यास (Diameter)
वृत्त की सीमा के 2 बिंदुओं को जोड़ने वाला ऐसा रेखाखंड जो केंद्र से गुज़रे। उसकी लंबाई त्रिज्या की दोगुनी होती है। कक्षा 4–5 में चित्र पर देखें।

श

शंकु (Cone)
एक गोल आधार और एक शीर्ष तक जाती वक्र सतह वाला ठोस। शंकु जैसा कागज़ का मॉडल देखकर बात करें। कक्षा 3–5 में आधार और शीर्ष पहचानें।
शतांश (Hundredth)
पूरे के 100 बराबर भागों में से 1 भाग: , जिसे “1 बटे 100” पढ़ें। आगे के दशमलव-अभ्यास में यह 0.01 है।
शेषफल (Remainder)
पूर्ण समूह बनाने के बाद बची मात्रा। 29 वस्तुओं के 4-4 वाले 7 समूह बनते हैं और 1 बचती है। शेषफल 1 है; कक्षा 3–5 में जाँचें कि वह भाजक से छोटा है।

स

संख्या (Number)
गिनती, क्रम या मात्रा बताने का गणितीय विचार। 47 एक संख्या है, जिसे 4 और 7 अंकों से लिखा गया है। कक्षा 1–2 में बोलना, लिखना और वस्तुओं से दिखाना जोड़ें।
संख्या रेखा (Number line)
सीधी रेखा पर नियमित दूरियों पर संख्याएँ दिखाने का साधन। 8 से 5 इकाई कदम आगे जाने पर 13 मिलता है। कक्षा 1–3 में हर कदम का आकार बराबर रखें।
सम संख्या (Even number)
पूर्ण संख्या जिसे 2 बराबर पूर्ण समूहों में बिना शेष बाँट सकें। 8 मोतियों की 4 जोड़ियाँ बनती हैं। 0 भी सम है। कक्षा 2–3 में जोड़ियाँ बनाकर समझाएँ।
समकोण (Right angle)
एक चौथाई मोड़ जितना कोण। आयताकार पन्ने का कोना एक उदाहरण है। कक्षा 4–5 में मुड़े हुए कागज़ के कोने से मिलाकर जाँचें।
समतुल्य भिन्न / तुल्य भिन्न (Equivalent fractions)
अलग लिखी हुई भिन्नें जिनका मान बराबर हो। = । बराबर आकार की पट्टियों पर आधा और 4 भागों में से 2 भाग ढकें। कक्षा 4–5 में पूरे का आकार समान रखें।
सममिति (Symmetry)
यहाँ रेखीय सममिति का अर्थ: एक रेखा के दोनों ओर के हिस्से मोड़ने पर एक-दूसरे पर ठीक बैठें। कक्षा 3–5 में कागज़ मोड़कर और रंगोली के सरल चित्रों से जाँचें।
सममिति रेखा (Line of symmetry)
वह रेखा जिसके दोनों ओर के हिस्से मोड़ने पर ठीक मिलें। वर्ग की 4 सममिति रेखाएँ हैं: 2 विकर्ण और 2 आमने-सामने की भुजाओं के मध्य से गुज़रती रेखाएँ। कक्षा 3–5 में एक-एक करके जाँचें।
सवा (A quarter more)
किसी पूरे से एक चौथाई अधिक। “सवा तीन बजे” 3:15 है। कक्षा 3–5 में घड़ी पर 3 बजे से 15 मिनट आगे दिखाएँ।
साढ़े (Half more)
3 या उससे बड़ी पूरी संख्या से आधा अधिक कहने का परिचित तरीका। “साढ़े तीन बजे” 3:30 है। 1:30 के लिए डेढ़ और 2:30 के लिए ढाई कहते हैं। कक्षा 3–5 में इन बोलचाल के शब्दों को घड़ी से जोड़ें।
सैकड़ा (Hundreds)
100 इकाइयों, या 10 दहाइयों, का एक समूह। 347 में 3 सैकड़े, 4 दहाइयाँ और 7 इकाइयाँ हैं। कक्षा 2–3 में स्थानीय मान के साथ दिखाएँ।
स्थानीय मान (Place value)
अंक जिस स्थान पर है, उसके अनुसार उसका मान। 347 में 4 का स्थानीय मान 40 है। कक्षा 1–2 से इकाई-दहाई और आगे सैकड़ा-हज़ार जोड़ें।

ह

हर (Denominator)
भिन्न में रेखा के नीचे की संख्या। में हर 4 है: पूरे को 4 बराबर भागों में बाँटा गया है। “3 बटे 4” पढ़ते समय बराबर भागों का चित्र भी देखें। यह शब्द अंश के साथ ही आता है (NCERT में कक्षा 5)।
हज़ार (Thousands)
1,000 इकाइयाँ, या 10 सैकड़े। 2,347 में 2 हज़ार, 3 सैकड़े, 4 दहाइयाँ और 7 इकाइयाँ हैं। कक्षा 3–4 की संख्या-समझ के अनुसार परिचय दें।
हासिल (Carry)
जोड़ में किसी स्थान का योग 10 या उससे ज़्यादा हो, तो 10 का समूह अगले स्थान पर ले जाना। 47 + 38 में 7 + 8 = 15: इकाई में 5 लिखते हैं और 1 हासिल दहाई में जाता है; उत्तर 85। नई NCERT किताबें इसे पुनः समूहीकरण कहती हैं। कई किताबों में कक्षा 2–3।

शब्द को सवाल में इस्तेमाल करें

आप एक शब्द चुनें, उदाहरण दिखाएँ और फिर पूछें, “तुम इसे अपने शब्दों में कैसे समझाओगे?” कोई उत्तर अधूरा हो तो तस्वीर बनवाएँ। “गुणनफल 24 है” के साथ “4 कतारों में 6-6 फूल हैं” कहना अर्थ और शब्द का संबंध मज़बूत करता है। घर की भाषा में हुई अच्छी व्याख्या को भी स्वीकार करें; उसके बाद पाठ्यपुस्तक का शब्द जोड़ें।

अभ्यास के लिए 10 और 20 बनाने वाले जोड़े, पहाड़ों का अभ्यास और मानसिक गणित के तरीके देखें। कक्षा में चर्चा के लिए तर्क और समस्या-समाधान उपयोगी है।

इंडी के साथ अभ्यास करें

Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।

सुगम्यता