सीखें › शिक्षकों के लिए › गणित के खेल
शिक्षकों के लिए
कक्षा में गणित के खेल
गणित का खेल तभी काम आता है जब बच्चे खेलते हुए किसी विचार को इस्तेमाल करें। पासा फेंकना अपने आप में जोड़ का अभ्यास नहीं है। लेकिन दो पासों की संख्याएँ जोड़ना, अपने उत्तर को मोतियों से जाँचना और साथी से तरीका बताना उपयोगी अभ्यास बन सकता है। कक्षा 1 से 5 में आप एक ही खेल की संख्याएँ और सहारा बदलकर अलग-अलग बच्चों को शामिल कर सकते हैं।
हर खेल शुरू करने से पहले एक छोटी मिसाल खेलकर दिखाएँ। तय करें कि बच्चा उत्तर बोलेगा, लिखेगा, वस्तुओं से बनाएगा या इशारा करेगा। गति को जीत की एकमात्र शर्त न बनाएँ। सोचने का समय और उत्तर बदलने की अनुमति भी खेल का हिस्सा हैं।
1. गिनती की सीढ़ी
सामान: साँप-सीढ़ी का बोर्ड, पासा और गोटियाँ। छोटे बच्चों के लिए 1 से 20 का कागज़ी बोर्ड भी पर्याप्त है।
बच्चा पासा फेंककर उतने खाने आगे बढ़े। पहले हर कदम गिने, फिर आगे की संख्या का अनुमान लगाए। 7 पर खड़ी गोटी को 4 कदम बढ़ाना हो तो बच्चा 8, 9, 10, 11 कहे। यह बातचीत करें कि 7 वाले खाने को पहला कदम गिनने पर उत्तर क्यों बदल जाता है।
अगले दौर में गोटी चलाने से पहले लिखें: 7 + 4 = 11। बड़े बच्चों से पूछें कि 11 से 7 तक वापस आने के लिए कितने कदम चाहिए। बोर्ड पर साँप या सीढ़ी हो तो उसकी चाल और पासे से चली दूरी को अलग रखें।
2. दो संख्याएँ, एक योगफल
सामान: 0 से 10 तक की संख्या-पर्चियाँ और 20 ढक्कन या मोती।
जोड़ी में एक बच्चा 10 का कार्ड रखे। साथी दो कार्ड खोजे जिनका योगफल 10 हो: 6 और 4, या 7 और 3। हर सही जोड़ी को ढक्कनों के दो समूह बनाकर जाँचा जा सकता है। 0 और 10 की जोड़ी भी स्वीकार करें।
जब बच्चे तैयार हों तो लक्ष्य 20 करें और कार्ड 0 से 20 तक बढ़ाएँ। 13 और 7, 12 और 8 तथा 10 और 10 पर चर्चा करें। दो 10 इस्तेमाल करने के लिए कार्ड की दो प्रतियाँ चाहिए। नियम पहले स्पष्ट करें; बच्चे को सामान की कमी के कारण गलत न ठहराएँ।
अंत में पूछें: “पहली संख्या 1 बढ़े तो दूसरी के साथ क्या करना होगा?” 6 + 4 और 7 + 3 को साथ देखकर संबंध समझ में आता है।
3. पहाड़ों का बिंगो
सामान: कॉपी में 3 3 खाने और पहाड़ों के सवालों की सूची।
बच्चे चुने हुए पहाड़े के नौ अलग गुणनफल लिखें। 2 के पहाड़े के लिए 2, 4, 6, 8, 10, 12, 14, 16, 18 लिख सकते हैं। आप 2 6 कहें तो बच्चा 12 पर निशान लगाए और चाहे तो छह जोड़ों का चित्र बनाए।
एक पंक्ति पूरी होने पर बच्चा उसके सवाल और उत्तर पढ़कर जाँचे। बिंगो की घोषणा से अधिक महत्व इस जाँच का है। दूसरे दौर में आप “12 को 2 के बराबर समूहों में बाँटिए” कह सकते हैं। उत्तर 6 है। इससे गुणन और भाग का संबंध खुलता है।
अलग समूहों को अलग पहाड़े दें। पहली बार पूरे 1 से 10 तक के पहाड़े एक साथ न मिलाएँ।
4. गिनती में शहद
सामान: कोई अतिरिक्त सामान नहीं; संख्या-पर्चियाँ सहारे के लिए रख सकते हैं।
कक्षा बारी-बारी से 1 से 20 तक गिने। 3 के गुणज (multiple) पर संख्या की जगह “शहद” कहें: 1, 2, शहद, 4, 5, शहद। 3, 6, 9, 12, 15, 18 पर वही शब्द आएगा। पहले ये संख्याएँ बोर्ड पर लिखकर खेलें।
गलती होने पर बच्चे को बाहर न करें। रुककर संख्या जाँचें और उसी जगह से जारी रखें। अगली बार 5 के गुणज चुनें। दो नियम एक साथ मिलाना तभी उचित है जब पहला नियम समझ में आ गया हो। यह खेल संख्या-पैटर्न पहचानने के लिए है, केवल ध्यान की परीक्षा के लिए नहीं।
5. हम ही संख्या रेखा हैं
सामान: 0 से 20 तक की पर्चियाँ या ज़मीन पर बनी संख्या रेखा।
बच्चे अपनी संख्या के क्रम में खड़े हों। फिर 8 + 5 दिखाएँ: 8 से 2 कदम चलकर 10, फिर 3 कदम चलकर 13। पूछें कि कुल 5 कदम कैसे हुए। 13 5 में वही दूरी पीछे चलकर दिखाएँ।
हर बच्चे का चलना आवश्यक नहीं है। कोई बच्चा मेज़ पर गोटी चला सकता है, साथी को निर्देश दे सकता है या कार्ड उठा सकता है। जगह कम हो तो सारी गतिविधि बोर्ड पर करें। दस की सीमा पार करने वाले सवाल चुनना इस खेल को अधिक अर्थपूर्ण बनाता है।
6. अंकों से संख्या बनाइए
सामान: 2, 3, 4, 5 के चार कार्ड।
चारों कार्ड ठीक एक बार इस्तेमाल करके दो दो-अंकीय संख्याएँ बनाएँ। पहले कोई भी जोड़ करें: 23 + 45 = 68। फिर सबसे बड़ा योगफल खोजें। दहाई में 5 और 4 रखने पर 53 + 42 = 95 मिलता है; 52 + 43 भी 95 देता है।
सबसे छोटा योगफल 59 है: 24 + 35 या 25 + 34। बच्चों से केवल उत्तर नहीं, दहाई में बड़े या छोटे अंक रखने का कारण पूछें। छोटे बच्चों के लिए दो कार्ड से सबसे बड़ी और सबसे छोटी दो-अंकीय संख्या बनाना पर्याप्त है।
7. भिन्न की मिलती जोड़ियाँ
सामान: बराबर हिस्सों में बँटे कागज़ी आयत और भिन्न-पर्चियाँ।
एक आयत के चार बराबर हिस्सों में तीन रंगें। बच्चा इसे की पर्ची से मिलाए और “3 बटे 4” पढ़े। फिर दो बराबर हिस्सों में एक रंगे आयत को से मिलाएँ। हिस्से बराबर होना इस खेल की मुख्य शर्त है।
तैयार बच्चों के लिए और के चित्र मिलाएँ। दोनों मूल आयत एक ही आकार के हों। बच्चा कागज़ मोड़कर या चित्र साथ रखकर बताए कि आधा और दो चौथाई एक ही मात्रा हैं। अलग आकार के चित्र केवल रंगा हुआ क्षेत्र देखकर मिलाना भ्रम पैदा कर सकता है।
8. कक्षा की छोटी दुकान
सामान: कागज़ी रुपये, वस्तुओं के नाम और कीमत-पर्चियाँ। असली पैसे की आवश्यकता नहीं है।
एक कॉपी ₹20 और एक पेंसिल ₹5 की रखें। खरीदार दोनों के लिए ₹25 दे। दूसरे दौर में ₹50 दे और दुकानदार ₹25 लौटाए। साथी 20 + 5 + 25 = 50 से जाँच करे। भूमिकाएँ बदलें ताकि हर बच्चा खरीद, जोड़ और शेष पैसे तीनों पर सोचे।
शुरू में पूरे रुपये और कम वस्तुएँ रखें। दशमलव में पैसे का अभ्यास तभी जोड़ें जब वह आपकी पढ़ाई में आ चुका हो। कीमतें खेल की हैं; उन्हें बाज़ार की वास्तविक कीमत न बताएँ।
खेल के बीच सुनें: बच्चा हर वस्तु गिन रहा है, आगे गिन रहा है या किसी ज्ञात तथ्य का सहारा ले रहा है? यही जानकारी अगले सवाल का स्तर चुनने में मदद करेगी।
खेल के बाद दो मिनट
एक सवाल पूछें: “आज किस तरीके ने मदद की?” बच्चे चित्र, शब्द या उदाहरण से बताएँ। किसी एक जीतने वाले का तरीका सबके लिए अनिवार्य न करें। कॉपी में एक छोटा सवाल देकर देख सकते हैं कि खेल का विचार नई स्थिति में भी इस्तेमाल होता है या नहीं।
क्रिकेट पसंद करने वाली कक्षा में 4 ओवर की 6-6 गेंदों के समूह बनवाएँ: 4 6 = 24 गेंदें। रंगोली के बराबर खाने, चूड़ियों के जोड़े या तीलियों की गड्डियाँ भी काम आ सकती हैं। उदाहरण वही चुनें जिसे बच्चे समझते हों; हर घर के अनुभव एक जैसे नहीं होते।
इंडी की चुनौतीदुकान में ₹20 की कॉपी और ₹5 की पेंसिल खरीदी। ₹50 देने पर कितने रुपये वापस मिलेंगे? उत्तर देखें
कुल कीमत ₹25 है। ₹50 ₹25 = ₹25 वापस मिलेंगे। जाँच: ₹20 + ₹5 + ₹25 = ₹50।
अगली गतिविधि के लिए गणित की शुरुआती गतिविधियाँ, अलग ज़रूरतों के अनुसार अभ्यास और छत्ते वाली पहेलियों का पैक देखें।
इंडी के साथ अभ्यास करें
Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।