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विषय के अनुसार मदद

गणित को समझने के रास्ते

मैं फूल गिनती हूँ और उनके पैटर्न भी देखती हूँ। आप किस विषय से शुरुआत करेंगे?

बच्चा सही उत्तर बता देता है, लेकिन अपना तरीका नहीं समझा पाता? या तरीका समझता है, फिर भी लिखते समय गलती कर देता है? दोनों स्थितियों में अगला कदम अलग होगा। इन पन्नों में आप किसी एक विचार को चीज़ों, चित्रों, बातचीत और फिर कॉपी में लिखे सवालों से जोड़ सकते हैं। ये कक्षा 1 से 5 के बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के लिए हैं।

कक्षा का नाम एक शुरुआती संकेत है, बच्चे की सीमा नहीं। स्कूल की पुस्तक, बोर्ड और पढ़ाने का क्रम अलग हो सकता है। बच्चे की पुस्तक में चल रहे सवाल से शुरुआत करें और ज़रूरत हो तो पिछला विचार दोबारा देखें। किसी विषय में लौटना पीछे जाना नहीं है; इससे आगे की समझ के लिए आधार बनता है।

आपको किस विषय में मदद चाहिए?

गिनती और स्थानीय मानचीज़ें गिनना, दहाई के समूह बनाना और संख्या में हर अंक का स्थान समझना।
जोड़ और घटानामिलाना, अंतर निकालना, हासिल और उधार का अर्थ समझना।
गुणा और भागबराबर समूह, पहाड़े, बाँटना और बची हुई चीज़ों का हिसाब।
भिन्नबराबर हिस्से, आधा और चौथाई, समतुल्य भिन्न और संख्या के हिस्से।
मानसिक गणितसंख्या को तोड़कर सोचना, जाने हुए तथ्यों से नया उत्तर पाना और अनुमान करना।
मापनलंबाई, भार, धारिता, परिमाप और क्षेत्रफल को देखकर तथा नापकर समझना।
पैसादाम जोड़ना, खुले पैसे बनाना और खरीदारी के बाद बाकी रकम जाँचना।
समय देखनाघड़ी की सुइयाँ, सवा और पौने का समय, तथा कामों के बीच बीता समय।
आकृतियाँ और ज्यामितिभुजाएँ, कोने, सममिति, ठोस आकृतियाँ और आसपास के आकार।
आँकड़ों का प्रबंधनजानकारी इकट्ठी करना, तालिका बनाना और चित्रालेख व दंड आलेख पढ़ना।
पैटर्न और बीजगणितक्रम के नियम, खाली खाने और बराबरी; औपचारिक बीजगणित से पहले की सोच।
दशमलव और प्रतिशतरुपये-पैसे से एक परिचय; औपचारिक दशमलव और प्रतिशत बाद की पढ़ाई के लिए।

एक पन्ने का इस्तेमाल कैसे करें?

  1. बच्चे को पहले बोलने दें। पूछें, “तुमने क्या देखा?” उत्तर से पहले उसका विचार सुनें।
  2. एक ही विचार चुनें। मसलन, आज केवल 10 इकाइयों से 1 दहाई बनाने पर काम करें। पूरे विषय को एक बैठक में न समेटें।
  3. चीज़ और चित्र को जोड़ें। ढक्कनों से बनाए समूह का चित्र बनवाएँ; फिर उसी को संख्याओं में लिखें।
  4. दूसरा उदाहरण बदलकर दें। संख्या या कहानी बदलें और देखें कि बच्चा वही विचार इस्तेमाल कर पाता है या नहीं।
  5. छोटी चुनौती पर बात करें। उत्तर छिपाकर प्रयास करने दें। फिर बच्चे के तरीके और दिए हुए तरीके की तुलना करें।
इंडी का सुझाव

“फिर से सोचो” कहने के बजाय कोई छोटा सवाल पूछें: “इनमें कितने बराबर समूह हैं?” या “यह संख्या 50 से बड़ी होगी या छोटी?” इससे बच्चे को अगला कदम मिलता है, बिना उसका काम आप किए।

कक्षा के अनुसार शुरुआत

कक्षा 1 में गिनती, चीज़ों को मिलाना और अलग करना देखें। कक्षा 2 में दहाई, बराबर समूह और रोज़मर्रा का मापन जोड़ें। कक्षा 3 में पहाड़े, भाग, घड़ी और भिन्न पर लौटें। कक्षा 4 में बड़ी संख्याएँ, भिन्न, परिमाप और आकृतियाँ देखें। कक्षा 5 में गुणनखंड, क्षेत्रफल और जानकारी पढ़ने की समझ को गहरा करें।

हर पन्ने पर दिए कक्षा-संकेत सामान्य दिशा बताते हैं। वे परीक्षा का पाठ्यक्रम या सीखने की तय समय-सीमा नहीं हैं। खासकर दशमलव, प्रतिशत और औपचारिक अनुपात को इन कक्षाओं की अनिवार्य तैयारी न मानें।

इंडी की फूलों वाली चुनौती

इंडी की चुनौतीइंडी को फूलों की 3 कतारें दिखीं। हर कतार में 4 फूल हैं। कुल कितने फूल हैं? दो तरीके बताइए। उत्तर देखें

कुल 12 फूल हैं। आप 4 + 4 + 4 = 12 लिख सकते हैं, या 3 4 = 12। कतारों का चित्र दोनों तरीकों को एक ही व्यवस्था से जोड़ता है।

खेल में भी बच्चे से कभी-कभी एक उत्तर का तरीका पूछें। लिखना, चित्र बनाना और मन में सोचना साथ-साथ चल सकते हैं; गति को समझ का प्रमाण न मानें।

इंडी के साथ अभ्यास करें

Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।

सुगम्यता