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कक्षा 1 से 5 का गणित

आकृतियाँ और ज्यामिति: देखें, बनाएँ और समझाएँ

मेरे छत्ते का हर खाना षट्भुज है: 6 भुजाएँ, 6 कोने। ये खाने बिना कोई खाली जगह छोड़े आपस में जुड़ जाते हैं!

दरवाज़े का आयत, थाली का गोल किनारा और डिब्बे के फलक बच्चों को आकृतियाँ खोजने के मौके देते हैं। शुरुआत नाम याद कराने से नहीं, देखने से करें। पूछें, “इसमें कितनी सीधी भुजाएँ हैं?”, “इसे घुमाने पर क्या बदलता है?” और “कौन-सी चीज़ लुढ़क सकती है?” बच्चे जब अपनी बात का कारण बताते हैं, तब पहचान के साथ ज्यामिति की समझ भी बनती है।

काग़ज़ पर बनी सपाट आकृति और हाथ में पकड़ी ठोस वस्तु का अंतर साफ़ रखें। थाली एक वस्तु है; उसके गोल किनारे को काग़ज़ पर उतारने से वृत्त बनता है। डिब्बा घनाभ हो सकता है, लेकिन उसके एक फलक की आकृति आयत होती है। रोज़मर्रा की चीज़ें गणितीय आकृतियों के उदाहरण हैं, उनकी बिल्कुल सही प्रतियाँ होना ज़रूरी नहीं।

कक्षा के अनुसार किस बात पर ध्यान दें?

पुस्तकों में गतिविधियों का क्रम अलग हो सकता है। यह रास्ता बच्चे की मौजूदा समझ के अनुसार अपनाएँ।

कक्षामुख्य समझएक उपयोगी शुरुआत
कक्षा 1गोल, तिकोनी और चौकोर आकृतियाँ; लुढ़कना और सरकनागेंद और डिब्बे की चाल देखें
कक्षा 2भुजाएँ, कोने और आसपास की ठोस आकृतियाँकाग़ज़ की आकृतियों को गुणों के अनुसार छाँटें
कक्षा 3खड़ी, आड़ी और तिरछी रेखाएँ; टाइलों के पैटर्न और सममितिकाग़ज़ मोड़कर मेल खाते हिस्से खोजें
कक्षा 4वृत्त, केंद्र, त्रिज्या और व्यास; अलग दिशाओं से दृश्यएक डिब्बा ऊपर और सामने से देखें
कक्षा 5कोण, सममिति, ठोस आकृतियों के जाल और नक्शेडिब्बे को खोलकर उसका जाल देखें

1. नाम से पहले भुजाएँ और कोने देखें

किसी बहुभुज के सीधे किनारे को भुजा (side) और दो भुजाओं के मिलने के स्थान को शीर्ष (vertex), यानी कोना, कहते हैं। त्रिभुज में 3 भुजाएँ और 3 कोने होते हैं। वर्ग और आयत में 4 भुजाएँ और 4 कोने होते हैं। वर्ग की चारों भुजाएँ बराबर होती हैं; आयत की आमने-सामने वाली भुजाएँ बराबर होती हैं। दोनों के चारों कोने समकोण होते हैं।

आकृति को घुमाने से उसका नाम नहीं बदलता। एक नोक पर रखा वर्ग भी वर्ग है। लंबा, छोटा या उलटा त्रिभुज भी त्रिभुज है, यदि उसकी बंद आकृति में 3 सीधी भुजाएँ हैं। वृत्त में बहुभुज जैसी सीधी भुजाएँ और कोने नहीं होते। शुरुआती बातचीत में “गोल किनारा” कहना उपयोगी है।

त्रिभुज: 3 कोनेवर्ग: 4 कोनेवृत्त: कोई कोना नहीं

2. सपाट आकृति और ठोस वस्तु अलग हैं

ठोस आकृति (solid shape) में लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है। घन, घनाभ, बेलन, शंकु और गोला इसके परिचित उदाहरण हैं। पासे जैसा घन, आयताकार डिब्बे जैसा घनाभ, टिन के डिब्बे या पाइप के टुकड़े जैसा बेलन और गेंद जैसा गोला खोजें। शंकु दिखाने के लिए काग़ज़ को मोड़कर नुकीली टोपी बनाएँ।

ठोस आकृति की सपाट सतह फलक (face) है। घन के 6 वर्गाकार फलक, 12 किनारे और 8 कोने होते हैं। गिनते समय हर फलक पर एक छोटा काग़ज़ रखें, फिर हटाकर जाँचें। चित्र में पीछे के किनारे न दिखें तो भी वे मौजूद हैं। बेलन और शंकु पर सपाट तथा घुमावदार सतहों को अलग-अलग छूकर देखें; शुरुआत में सतहों की गिनती से अधिक उनकी पहचान पर ध्यान दें।

गेंद आसानी से लुढ़कती है। बेलन अपनी घुमावदार सतह पर लुढ़क सकता है और सपाट सिरे पर रखा जाए तो सरक सकता है। इसलिए “यह लुढ़कता है या सरकता है?” के साथ “इसे किस तरह रखा है?” भी पूछें।

इंडी का सुझाव

इंडी कहती है: “आकृति को घुमाकर देखो! छत्ते के किसी खाने को मैं किसी भी तरफ़ से देखूँ, वह षट्भुज ही रहता है: 6 भुजाएँ, 6 कोने।” बच्चे से भी नाम बताने के बाद भुजाएँ या कोने दिखाने को कहें।

3. कोण को मोड़ की तरह समझाएँ

एक ही बिंदु से निकलने वाली दो किरणों के बीच के खुलाव को कोण (angle) कहते हैं। बच्चे के लिए दरवाज़े का खुलना या शरीर का मुड़ना अच्छी शुरुआत है। बंद दरवाज़े को थोड़ा, फिर अधिक खोलें। खुलाव बढ़ता है, भले ही दरवाज़े की लंबाई नहीं बदलती।

समकोण (right angle) एक चौथाई घुमाव जितना है। किताब के कोने से इसकी तुलना करें। समकोण से छोटा खुलाव न्यून कोण (acute angle) और समकोण से बड़ा, लेकिन सरल कोण से छोटा खुलाव अधिक कोण (obtuse angle) है। सरल कोण (straight angle) में दोनों किरणें एक सीधी रेखा बनाती हैं। शुरुआती पहचान के लिए डिग्री में मापना ज़रूरी नहीं; पहले तुलना और मोड़ की समझ बनाइए।

4. सममिति में दोनों हिस्से मेल खाते हैं

सममिति रेखा (line of symmetry) पर आकृति को मोड़ने की कल्पना करें। यदि एक हिस्सा दूसरे पर बिल्कुल बैठता है, तो वह सममिति रेखा है। काग़ज़ मोड़ें, मोड़ के पास आधा फूल बनाएँ और सुरक्षित तरीके से काटें। खोलने पर दोनों हिस्सों का मेल देखें। रंगोली या पत्ते के चित्र में भी ऐसी रेखा खोज सकते हैं, लेकिन हर रंगोली या हर पत्ता सममित होगा, यह न मानें।

वर्ग में 4 सममिति रेखाएँ होती हैं: 2 आमने-सामने की भुजाओं के मध्य से और 2 विकर्णों पर। ऐसे आयत में जिसकी लंबाई और चौड़ाई अलग हैं, 2 सममिति रेखाएँ होती हैं; उसके विकर्ण सममिति रेखाएँ नहीं होते। काग़ज़ मोड़कर हर अनुमान की जाँच करें। केवल “दो बराबर हिस्से” कहना पर्याप्त नहीं, दोनों का आकार भी मोड़ने पर मेल खाना चाहिए।

5. वृत्त में केंद्र से दूरी देखें

वृत्त का केंद्र (centre) बीच का बिंदु है। केंद्र से वृत्त के किसी बिंदु तक का रेखाखंड त्रिज्या (radius) है। केंद्र से होकर वृत्त के एक ओर से दूसरी ओर जाने वाला रेखाखंड व्यास (diameter) है। व्यास में 2 त्रिज्याएँ समाती हैं।

उदाहरण: त्रिज्या 3 से.मी. हो तो व्यास 3 + 3 = 6 से.मी. होगा। दूसरी दिशा में भी केंद्र से किनारे तक की दूरी उतनी ही रहेगी। परकार से वृत्त बनाते समय उसके दोनों सिरों की दूरी स्थिर रखें। नुकीले सिरे के कारण यह गतिविधि आपकी देखरेख में होनी चाहिए। इस स्तर पर वृत्त की परिधि के सूत्र की आवश्यकता नहीं।

6. जाल, टाइल और नक्शे से सोच आगे बढ़ाएँ

जाल (net) किसी ठोस आकृति को खोलकर फैलाने पर मिलने वाला सपाट रूप है। छोटे डिब्बे को सावधानी से खोलें और देखें कि कौन-से फलक मोड़ने पर मिलेंगे। घन के लिए 6 वर्ग चाहिए, लेकिन 6 वर्गों की हर व्यवस्था घन नहीं बनाएगी। पहले अनुमान, फिर काग़ज़ मोड़कर जाँच करें।

फ़र्श की टाइलों में देखें कि आकृतियाँ बिना खाली जगह छोड़े और बिना एक-दूसरे पर चढ़े कैसे जुड़ती हैं। वर्गों से ऐसा पैटर्न बनाया जा सकता है; इंडी के छत्ते में षट्भुज दिखते हैं। नक्शे में ऊपर से दृश्य बनता है। मेज़ और कुर्सी का छोटा नक्शा बनाकर उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम की दिशाओं का अभ्यास करें। नक्शे में ऊपर को उत्तर मानें तभी जब उसे स्पष्ट लिखा या बताया गया हो।

किन उलझनों पर ध्यान दें?

घर या कक्षा में करने की गतिविधियाँ

  1. आकृति खोज: तीन चीज़ें चुनें। उनकी आकृति बताएँ और पहचान का कारण सुनें।
  2. भुजाओं की छँटाई: काग़ज़ के त्रिभुज, चतुर्भुज और पंचभुज मिलाएँ। नाम की जगह पहले भुजाओं की संख्या से समूह बनाएँ।
  3. मोड़ की जाँच: वर्ग और लंबे आयत में सुझाई गई सममिति रेखाओं पर मोड़ें। गलत अनुमान भी खोज का हिस्सा है।
  4. डिब्बे के दृश्य: एक ही डिब्बे को ऊपर, सामने और बगल से बनवाएँ। पूछें कि चित्र अलग क्यों हैं।
  5. कक्षा का नक्शा: दरवाज़े, मेज़ और अलमारी की जगह ऊपर से दिखाएँ। साथी से नक्शा पढ़कर जगह खोजने को कहें।
इंडी की चुनौतीइंडी ने परकार से एक वृत्त बनाया, जिसकी त्रिज्या 4 से.मी. है। उसका व्यास कितना होगा? फिर इंडी एक घन के हर फलक पर एक-एक रंगीन काग़ज़ चिपकाना चाहती है। कितने काग़ज़ चाहिए? उत्तर देखें

व्यास 4 + 4 = 8 से.मी. होगा। जाँचें: व्यास का आधा 8 2 = 4 से.मी., यानी दी हुई त्रिज्या। घन के 6 फलक होते हैं, इसलिए 6 काग़ज़ चाहिए। पीछे और नीचे के फलक भी गिनें।

वर्कशीट से अभ्यास

पहले असली चीज़ों और काग़ज़ की आकृतियों से अनुभव दें, फिर चित्र वाले सवाल करें। उत्तर के साथ “तुमने कैसे पहचाना?” पूछें। मापन से जोड़ना हो तो परिमाप और क्षेत्रफल अलग-अलग समझाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बच्चा घुमाए हुए वर्ग को वर्ग नहीं मानता। क्या करें?

एक ही काग़ज़ का वर्ग घुमाएँ। चारों भुजाएँ और कोने फिर जाँचें। नाम बदलने का कोई कारण नहीं मिला, तो बच्चे को अपने शब्दों में यही बात समझाने दें।

क्या हर चौकोर आकृति वर्ग होती है?

नहीं। चार भुजाओं वाली बंद आकृति चतुर्भुज है। वर्ग के लिए चारों भुजाएँ बराबर और चारों कोने समकोण होने चाहिए। अलग-अलग चतुर्भुज साथ रखकर तुलना करें।

कोण सिखाने के लिए चाँदा लेना ज़रूरी है?

शुरुआती समझ के लिए नहीं। शरीर के मोड़, किताब के कोने और खुलते दरवाज़े से तुलना करें। डिग्री में मापन तब जोड़ें जब बच्चे की पुस्तक में उसकी आवश्यकता हो।

बच्चा चित्र ठीक नहीं बना पाता। क्या उसकी समझ भी कम है?

ज़रूरी नहीं। चीज़ों को छाँटने, मोड़ने, छूकर गुण बताने और कारण समझाने के मौके दें। हाथ से साफ़ चित्र बनाने का कौशल और आकृति समझने का कौशल अलग-अलग विकसित हो सकते हैं।

इंडी के साथ अभ्यास करें

Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।

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