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माता-पिता के लिए

कक्षा 1 से 5 के गणित टेस्ट समझें

मैं इंडी हूँ। टेस्ट की कॉपी डाँटने के लिए नहीं, यह जानने के लिए है कि अगला कदम क्या हो।

मौखिक सवाल, कक्षा का काम, छोटा लिखित टेस्ट, अर्धवार्षिक या वार्षिक परीक्षा: स्कूल बच्चे की सीख कई तरीकों से देख सकते हैं। नाम और व्यवस्था एक स्कूल से दूसरे स्कूल में बदल सकती है। कई स्कूल अपने टेस्ट लेते हैं, जैसे इकाई परीक्षा (यूनिट टेस्ट), अर्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा। पहले जानिए कि आपके बच्चे के स्कूल में क्या लिया जा रहा है और उसका उद्देश्य क्या है।

अंक से पहले देखें कि क्या समझा गया

शिक्षक बातचीत में बच्चे से वस्तुएँ गिनवा सकते हैं, कॉपी में उसका तरीका देख सकते हैं या लिखित सवाल दे सकते हैं। अभिभावक-शिक्षक बैठक में पूछिए कि बच्चा कौन-से काम स्वतंत्र रूप से कर पाता है और कहाँ मदद चाहिए।

इंडी का सुझाव

केवल “कौन-सा अध्याय आएगा?” न पूछें। यह भी पूछिए कि बच्चे को क्या समझाकर, दिखाकर या लिखकर करना आना चाहिए।

कक्षा 1 और 2 में सीख का अवलोकन

आधारभूत स्तर की राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-FS 2022) (नए टैब में खुलता है) के अनुसार इस उम्र में आकलन के दो सही तरीके हैं: बच्चे को ध्यान से देखना और उसके बनाए काम को परखना। यह रूपरेखा साफ़ कहती है कि इस स्तर के लिए लिखित टेस्ट और परीक्षाएँ आकलन का बिल्कुल अनुपयुक्त तरीका हैं। उदाहरण के लिए, बच्चा वस्तुएँ गिनते समय हर वस्तु को एक बार छूता है या नहीं, यह भी सीख की जानकारी देता है।

यह रूपरेखा की दिशा है। आपके स्कूल की वास्तविक व्यवस्था जानने के लिए शिक्षक से पूछिए। हर स्कूल में एक जैसा टेस्ट या रिपोर्ट कार्ड मानकर न चलें।

कक्षा 3 से 5 में लिखित काम भी

विद्यालयी शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF-SE 2023) (नए टैब में खुलता है) के अनुसार प्रारंभिक स्तर (कक्षा 3 से 5) में छोटे औपचारिक लिखित आकलन ठीक हैं, और बच्चे के काम को शिक्षक का ध्यान से देखना भी आकलन का अहम हिस्सा बना रहता है। केवल अंतिम उत्तर नहीं, हल का तरीका और समझ भी महत्वपूर्ण हैं। स्कूल कौन-सा तरीका और कितना लिखना चाहता है, यह बच्चे की कॉपी तथा शिक्षक से मिलाएँ।

जैसे सवाल हो: “₹500 में से ₹275 खर्च हुए। कितने रुपये बचे?” गणना 500 275 = 225 है। उत्तर ₹225। जाँच: 275 + 225 = 500। बच्चा रुपये की इकाई और घटाव चुनने का कारण भी बता सके।

कक्षा 5 के परीक्षा नियम: अपना राज्य और स्कूल जाँचें

केंद्र की दिसंबर 2024 की आधिकारिक जानकारी (नए टैब में खुलता है) में केंद्रीय नियमों के तहत कक्षा 5 और 8 की परीक्षा, असफल होने पर अतिरिक्त शिक्षण और परिणाम घोषित होने के 2 महीने के भीतर पुनः परीक्षा का प्रावधान बताया गया है। पुनः परीक्षा में भी असफल होने पर उसी कक्षा में रखने का प्रावधान है। प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक निष्कासन नहीं किया जाना है।

ये केंद्रीय नियम केंद्रीय सरकार के अधिकार-क्षेत्र वाले स्कूलों और बिना विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के लिए हैं। इन्हें हर राज्य के हर स्कूल का एक जैसा नियम न समझें। राज्यों के अपने नियम हैं: दिसंबर 2024 तक कुछ राज्यों ने कक्षा 5 और 8 में परीक्षा के बाद बच्चे को उसी कक्षा में रोकने का नियम अपनाया था, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे कुछ राज्यों ने बच्चों को फ़ेल न करने की नीति जारी रखी थी। यह स्थिति बदल सकती है। अपने स्कूल से लागू नियम, मदद की व्यवस्था और पुनः परीक्षा की प्रक्रिया लिखित रूप में पूछिए।

निपुण भारत कोई एक साझा परीक्षा नहीं है

निपुण भारत (NIPUN Bharat) के दिशानिर्देश (नए टैब में खुलता है) बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) के लक्ष्य बताते हैं। यह मिशन 5 जुलाई 2021 को शुरू हुआ और इसका लक्ष्य है कि 2026-27 तक हर बच्चा कक्षा 3 के अंत तक समझकर पढ़ना और बुनियादी गणित करना सीख ले। ये लक्ष्य किसी देशव्यापी पास-फ़ेल परीक्षा का नाम नहीं हैं। संख्यात्मकता के लक्ष्य और पूरी गणित की किताब की विषय-सूची भी एक ही चीज़ नहीं हैं।

यदि स्कूल “निपुण आकलन” कहता है, तो पूछें कि कौन-सी सीख देखी जाएगी, काम कैसे होगा और उसके बाद बच्चे को क्या मदद मिलेगी।

परख और राष्ट्रीय सर्वेक्षण का अलग उद्देश्य है

परख (PARAKH) (नए टैब में खुलता है) NCERT का राष्ट्रीय आकलन केंद्र है, जिसकी स्थापना 8 फ़रवरी 2023 को हुई। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 (नए टैब में खुलता है) 4 दिसंबर 2024 को देश भर में कक्षा 3, 6 और 9 के लिए हुआ; कक्षा 3 में भाषा और गणित शामिल थे।

राष्ट्रीय सर्वेक्षण शिक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाता है। अगर आपका स्कूल इसमें भाग लेता है, तो उद्देश्य, व्यवस्था और तैयारी के बारे में शिक्षक से पूछिए या स्कूल की सूचना पढ़िए। किसी नए सर्वे का नाम, कक्षाएँ या तारीख पुरानी जानकारी से तय न करें।

प्रवेश परीक्षा और ओलंपियाड

कुछ परिवार जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा (JNVST) या सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा (AISSEE) पर विचार करते हैं। प्रवेश की कक्षा, पात्रता, विषय और परीक्षा की व्यवस्था के लिए उसी संस्था की वर्तमान सूचना देखें। अपने स्कूल से जानिए इन प्रवेश परीक्षाओं और गणित ओलंपियाड का नियमित काम से क्या संबंध है। भाग लेना आवश्यक मानकर न चलें। यदि आप भाग लेना चाहते हैं, तो उसी संस्था की वर्तमान सूचना से नियम, तैयारी और प्रक्रिया पता करें। यहाँ किसी एक प्रश्न-पत्र का ढाँचा, अंक, शुल्क या तारीख सभी पर लागू नहीं बताए गए हैं।

तैयारी को सीमित और उपयोगी रखें

गलती सवाल पढ़ने में हुई, गणना में या विचार समझने में? मदद उसी जगह से शुरू कीजिए।

घर पर मदद, गणित से घबराहट और कक्षा के अनुसार मार्गदर्शन भी पढ़ें।

क्या कम अंक का मतलब है कि बच्चे को गणित बिल्कुल नहीं आता?

नहीं। उसकी कॉपी, मौखिक समझ और कक्षा के काम को भी देखें। शिक्षक से पूछें कि कौन-सी सीख स्पष्ट है और अगला अभ्यास किस बात का हो।

क्या सभी बोर्ड कक्षा 1 से 5 की एक ही गणित परीक्षा लेते हैं?

ऐसा मानकर न चलें। स्कूल और राज्य की व्यवस्था अलग हो सकती है। विषय, तरीके और लागू नियम अपने स्कूल से पता करें।

इंडी के साथ अभ्यास करें

Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।

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