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माता-पिता के लिए
घर पर गणित में कैसे मदद करें
घर पर मदद करने के लिए आपको हर सवाल का उत्तर तुरंत आना ज़रूरी नहीं है। बच्चे से पूछिए, “तुमने क्या सोचा?” उसकी बात सुनने पर अक्सर समझ आ जाता है कि अगला छोटा कदम क्या होना चाहिए।
थोड़ा अभ्यास, पर ध्यान से
एक साथ बहुत सारे सवाल कराने के बजाय ऐसा छोटा अभ्यास चुनिए जिसे बच्चा समझकर कर सके। कक्षा 1 और 2 में वस्तुएँ गिनना, जोड़ना और हटाना उपयोगी शुरुआत है। छोटे सामान का इस्तेमाल अपनी निगरानी में कीजिए। कक्षा 3 में बराबर समूह और संख्या रेखा मदद कर सकते हैं। कक्षा 4 और 5 में बच्चे से अनुमान और उत्तर की जाँच भी पूछिए।
दो सवाल समझकर करना भी अच्छा अभ्यास है। बच्चा थक गया हो तो पूरा पन्ना खत्म करवाने के लिए दबाव न डालें।
मदद की शुरुआत इन सवालों से करें
- सवाल में क्या दिया है?
- क्या पता करना है?
- क्या इसका चित्र बना सकते हैं या वस्तुओं से दिखा सकते हैं?
- उत्तर की जाँच कैसे करेंगे?
हर बार चारों सवाल पूछना ज़रूरी नहीं है। बच्चे को जहाँ मदद चाहिए, वहीं से शुरू करें। उत्तर आने से पहले उसकी बात बीच में न काटें।
एक जोड़, दो समझने योग्य तरीके
27 + 15 में पहले 27 में 10 जोड़ सकते हैं: 37। फिर 5 जोड़ने पर 42 मिलता है। वस्तुओं से दिखाएँ तो 27 में 2 दहाई और 7 इकाई हैं। 15 में 1 दहाई और 5 इकाई हैं। कुल 3 दहाई और 12 इकाई हुईं। 12 इकाई से 1 और दहाई बनती है, इसलिए उत्तर 4 दहाई और 2 इकाई, यानी 42 है।
बच्चे का तरीका सही हो तो उसे समझाने दीजिए। स्कूल में किसी खास विधि का अभ्यास चल रहा हो तो कॉपी देखकर उसी विधि को समझने में मदद करें। अपनी पुरानी विधि को एकमात्र सही विधि न बताएँ।
गलती में छिपा छोटा कदम ढूँढ़ें
47 28 में 7 इकाई से 8 इकाई नहीं हटा सकते। 47 को 3 दहाई और 17 इकाई के रूप में दिखाएँ। अब 17 8 = 9 और 3 दहाई 2 दहाई = 1 दहाई। उत्तर 19 है। इसे पुनः समूहीकरण (regrouping) कहते हैं; कई शिक्षक इसे “उधार लेना” कहते हैं। जाँच: 19 + 28 = 47।
यदि बच्चा 21 लिखता है, तो तुरंत पूरा हल न लिख दें। उससे इकाई वाले हिस्से को वस्तुओं या चित्र से दिखाने को कहें। पता लगाएँ कि उसने किस संख्या से किस संख्या को घटाया।
पहाड़ा याद न आए तो भी सोच सकते हैं
6 4 के लिए 6 के 4 बराबर समूह बनाएँ। 6 + 6 + 6 + 6 = 24। बच्चा 5 4 = 20 जानता हो तो उसमें 1 4 = 4 जोड़कर भी 24 तक पहुँच सकता है। समझ और याद रखने का अभ्यास साथ-साथ चल सकते हैं।
गृहकार्य बच्चे का ही रहने दें
सवाल पढ़ने, सामग्री जुटाने या निर्देश समझने में मदद कीजिए, पर बच्चे की जगह उत्तर न लिखें। जहाँ वह अटका है, वहाँ उसका अधूरा काम भी शिक्षक के लिए उपयोगी जानकारी है। स्कूल डायरी में छोटा संदेश लिख सकते हैं: “जोड़ समझ में आया; उधार (पुनः समूहीकरण) वाले घटाव में मदद चाहिए।”
छुट्टियों में हर सीख कॉपी से नहीं होती। खरीदारी, समय और खाना बाँटने के लिए रोज़मर्रा का गणित देखिए।
शिक्षक से ठोस बात करें
अभिभावक-शिक्षक बैठक में एक-दो उदाहरण साथ ले जाइए। पूछिए कि बच्चा किस कदम पर अटक रहा है और घर पर किस तरह का अभ्यास करें। किसी दूसरे बच्चे से तुलना करने के बजाय अपने बच्चे की अगली सीख तय करें। अतिरिक्त कक्षा या ट्यूशन हर बच्चे के लिए ज़रूरी मानकर न चलें।
अभ्यास के लिए कुछ पन्ने
इनमें से बच्चे की मौजूदा सीख से जुड़ा एक पन्ना चुनिए। हासिल वाले जोड़ और उधार वाले घटाव के पन्ने तब लें जब स्कूल में वह विधि शुरू हो चुकी हो।
20 बनाने वाले जोड़ेकक्षा 1, कक्षा 2 · वे जोड़े जिनका जोड़ 20 हैPDF डाउनलोड करेंबड़े अक्षरों में · आसान भाषा में
ब्रेल (BRF) (1 KB) · ब्रेल टेक्स्ट (3 KB)
20 तक जोड़ और घटानाकक्षा 1, कक्षा 2 · 20 तक के मिले-जुले सवालPDF डाउनलोड करेंबड़े अक्षरों में · आसान भाषा में
ब्रेल (BRF) (2 KB) · ब्रेल टेक्स्ट (4 KB)
हासिल वाला जोड़कक्षा 3 · तीन अंकों की संख्याओं का खड़ा जोड़, हासिल के साथPDF डाउनलोड करेंबड़े अक्षरों में · आसान भाषा में
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उधार वाला घटानाकक्षा 3 · तीन अंकों की संख्याओं का खड़ा घटाना, उधार के साथPDF डाउनलोड करेंबड़े अक्षरों में · आसान भाषा में
ब्रेल (BRF) (1 KB) · ब्रेल टेक्स्ट (3 KB)
हाँ। सवाल पढ़िए, बच्चे का तरीका सुनिए और कॉपी में दिया उदाहरण देखिए। जो कदम स्पष्ट न हो, उसे शिक्षक से पूछिए। गलत विधि बताने से बेहतर है साथ में पता करना।
हर सवाल का उत्तर तुरंत आना ज़रूरी नहीं है। बच्चे को सोचने का समय दें। जिस गणना का अभ्यास चल रहा है, उसमें धीरे-धीरे परिचय बढ़ेगा; समझ को जल्दबाज़ी की भेंट न चढ़ाएँ।
कक्षा के अनुसार शुरुआत चुनने के लिए कक्षा 1 से 5 का मार्गदर्शन देखें।
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Beequation Kids गिनती और जोड़-गुणा के तथ्यों को छत्ते वाली पहेलियों में बदल देता है, और बच्चा अटक जाए तो इंडी इशारा देती है। कोई विज्ञापन नहीं, कोई डेटा इकट्ठा नहीं।